के-रेरा (कर्नाटक): बिल्डर की शिकायत दर्ज करें
अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।
कर्नाटक रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी RERA अधिनियम, 2016 के तहत कर्नाटक में रियल एस्टेट परियोजनाओं को नियंत्रित करता है। पंजीकृत बिल्डर कब्ज़े में देरी करे, रिफ़ंड न दे या वादा तोड़े तो आप ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं।
यह क्या देखता है
- कब्ज़ा देने में देरी
- ख़रीदार के हटने या बिल्डर की चूक पर रिफ़ंड और ब्याज
- पंजीकृत नक्शे, क्षेत्रफल या सुविधाओं से फ़र्क
- जिस परियोजना का पंजीकरण ज़रूरी है उसका पंजीकरण न कराना
कैसे दर्ज करें
- 1
जाँचें कि परियोजना पंजीकृत है
अथॉरिटी के पोर्टल पर परियोजना खोजें और उसका पंजीकरण नंबर नोट करें। आमतौर पर पंजीकृत परियोजनाओं की शिकायत इसी रास्ते से होती है।
- 2
बिल्डर को लिखें
तारीख़ के साथ लिखित माँग ईमेल और डाक से भेजें। एग्रीमेंट, भुगतान की रसीदें और वादा किया कब्ज़े का दिन तैयार रखें।
- 3
ऑनलाइन शिकायत करें
कर्नाटक रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के पोर्टल पर शिकायत का विकल्प इस्तेमाल करें। फ़ॉर्म, फ़ीस और माँगे गए दस्तावेज़ पोर्टल पर देख लें।
- 4
सुनवाई में जाएँ और पीछा करें
सुनवाई ऑनलाइन हो सकती है। शिकायत नंबर रखें और आदेश आने पर उसे पोर्टल पर पढ़ें।
ज़रूरी बातें
- नियम, फ़ीस और फ़ॉर्म राज्य के हिसाब से अलग होते हैं; आधिकारिक पोर्टल इस्तेमाल करें
- एग्रीमेंट, रसीदें और बिल्डर से हर संदेश रखें
- यह पेज रास्ता समझाता है; यह कानूनी सलाह नहीं है
पूरा गाइड पढ़ें: बिल्डर के ख़िलाफ़ RERA शिकायत: फ़्लैट में देरी या रिफ़ंड
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आम सवाल
क्या अपंजीकृत परियोजना की शिकायत के-रेरा में हो सकती है?
अधिनियम मुख्यतः पंजीकृत परियोजनाओं पर लागू होता है; बाक़ी के लिए वकील उपभोक्ता केस या दीवानी मुक़दमे पर सलाह दे सकता है।
क्या यह उपभोक्ता शिकायत से अलग है?
हाँ। आप रेरा या उपभोक्ता आयोग चुन सकते हैं; एक ही दावे के लिए दोनों चलाने से पहले वकील से बात करें।