सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 सरल भाषा में: RTI कैसे काम करता है

अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 हर नागरिक को किसी सार्वजनिक प्राधिकरण से रिकॉर्ड और जानकारी माँगने देता है। आपकी फ़ाइल, आवेदन या शिकायत का क्या हुआ, यह जानने का यह सबसे तेज़ तरीक़ा है।

यह कब काम आता है

  • आप किसी सरकारी दफ़्तर में अपने आवेदन या शिकायत की स्थिति जानना चाहते हैं
  • कोई दफ़्तर कारण या रिकॉर्ड नहीं दे रहा
  • RTI लगाने से पहले अपने अधिकार समझना चाहते हैं

कदम-दर-कदम

  1. 1

    जानें कौन और क्या माँग सकता है

    नागरिक सार्वजनिक प्राधिकरणों से जानकारी, रिकॉर्ड, दस्तावेज़ों की प्रतियाँ और काम का निरीक्षण माँग सकते हैं। "सब कुछ बताइए" की जगह साफ़ सवाल पूछें।

  2. 2

    आवेदन भेजें

    इसे दफ़्तर के लोक सूचना अधिकारी को संबोधित करें। केंद्र के दफ़्तरों के लिए rtionline.gov.in पर ऑनलाइन भेज सकते हैं; कई राज्यों के अपने पोर्टल हैं। थोड़ी फ़ीस लगती है, और ग़रीबी रेखा से नीचे के लोगों को छूट है।

  3. 3

    30 दिन में जवाब की उम्मीद रखें

    अधिकारी को 30 दिन में जवाब देना चाहिए। किसी के जीवन या स्वतंत्रता से जुड़ी जानकारी पर 48 घंटे में।

  4. 4

    ज़रूरत हो तो अपील करें

    जवाब न मिले या ग़लत हो तो प्रथम अपीलीय अधिकारी को पहली अपील करें, फिर सूचना आयोग में दूसरी अपील।

ज़रूरी बातें

  • कुछ जानकारी छूट में है, जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा और कुछ निजी जानकारी
  • जवाब की अवधि 30 दिन है
  • जानकारी माँगने का कारण बताने की ज़रूरत नहीं
सरकारी आँकड़ा

केंद्र सरकार की RTI अर्ज़ियाँ RTI Online पोर्टल पर ऑनलाइन दी जा सकती हैं।

स्रोत: RTI Online, Government of India (opens in a new tab)

अपनी मुफ़्त योजना पाइए

बताइए क्या हुआ। हम आपके विकल्प बताते हैं, पत्र तैयार करते हैं और हर समय-सीमा पर नज़र रखते हैं।

एक पन्ने की चेकलिस्ट डाउनलोड करें (PDF) (opens in a new tab)

WhatsApp पर शेयर करें (opens in a new tab)

आम सवाल

RTI कौन लगा सकता है?

भारत का कोई भी नागरिक।

जवाब न मिले तो क्या करें?

पहली अपील करें, फिर सूचना आयोग में दूसरी अपील।

क्या वकील चाहिए?

नहीं। आप ख़ुद लिखकर दे सकते हैं।

ये गाइड भी पढ़ें