पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही? भारत में क्या करें

अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।

संज्ञेय अपराध में पुलिस अधिकारी को FIR दर्ज करनी होती है। थाना मना करे तो आपके पास कदम हैं, जिनका अंत मजिस्ट्रेट पर होता है।

यह कब काम आता है

  • पुलिस आपकी शिकायत दर्ज नहीं कर रही
  • आपसे बाद में आने या आपस में निपटाने को कहा गया
  • आपने शिकायत दी पर FIR या रसीद नहीं मिली

कदम-दर-कदम

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    लिखित शिकायत दें और रसीद माँगें

    तारीख़ों और नामों के साथ तथ्य साफ़ लिखें। थाने से लिखित या मुहर से पावती माँगें।

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    किसी भी थाने में कोशिश करें

    गंभीर अपराधों में आप किसी भी थाने में जा सकते हैं; वहाँ मामला दर्ज होकर आगे भेजा जा सकता है ("ज़ीरो FIR")।

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    पुलिस अधीक्षक को भेजें

    थाना मना करे तो वही शिकायत डाक या ईमेल से अपने ज़िले के पुलिस अधीक्षक को भेजें।

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    मजिस्ट्रेट के पास जाएँ

    फिर भी कार्रवाई न हो तो आप मजिस्ट्रेट को आवेदन दे सकते हैं, जो पुलिस को FIR दर्ज कर जाँच का निर्देश दे सकता है। यहाँ वकील मदद करता है।

ज़रूरी बातें

  • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) ने 2024 में CrPC की जगह ली
  • आप FIR की मुफ़्त कॉपी के हक़दार हैं
  • शिकायत देने का सबूत रखें

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आम सवाल

क्या FIR की मुफ़्त कॉपी मिलती है?

हाँ। शिकायतकर्ता को कॉपी मुफ़्त पाने का हक़ है।

क्या पुलिस शिकायत और FIR एक ही हैं?

नहीं। FIR संज्ञेय अपराध का औपचारिक पंजीकरण है। अपराध गंभीर हो तो लिखित में इसकी माँग करते रहें।

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