ग़लती से बीमा पॉलिसी ले ली? फ़्री-लुक अवधि में रद्द करें

अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।

बीमा पॉलिसी मिलने के बाद एक फ़्री-लुक अवधि होती है। शर्तें बताई गई बातों जैसी न हों तो आप पॉलिसी लौटाकर कुछ ख़र्चों को छोड़कर प्रीमियम वापस पा सकते हैं।

यह कब काम आता है

  • पॉलिसी वैसी नहीं जैसा एजेंट ने वादा किया था
  • आपको ऐसी पॉलिसी लेने पर मजबूर किया गया जो आप नहीं चाहते थे
  • आपने लोन या बैंक खाते से जुड़ी पॉलिसी ली

कदम-दर-कदम

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    फ़्री-लुक अवधि जाँचें

    यह आपके पॉलिसी दस्तावेज़ में लिखी होती है, पॉलिसी के प्रकार के हिसाब से आमतौर पर मिलने के 15 से 30 दिन।

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    लिखित रद्दीकरण अनुरोध भेजें

    बीमा कंपनी को पॉलिसी नंबर, कारण और रिफ़ंड के बैंक ब्योरे के साथ लिखें। डिलीवरी का सबूत रखें।

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    छोटी कटौतियों की उम्मीद रखें

    बीमा कंपनी आनुपातिक जोखिम प्रीमियम, स्टैंप ड्यूटी और अगर कोई हों तो मेडिकल ख़र्च काट सकती है।

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    मना करे तो आगे बढ़ें

    बीमा कंपनी मना करे या देर करे तो उसका शिकायत अधिकारी, फिर IRDAI का बीमा भरोसा पोर्टल और बीमा लोकपाल।

ज़रूरी बातें

  • फ़्री-लुक अवधि में ही कदम उठाएँ; यह छोटी है
  • अपने पॉलिसी दस्तावेज़ में "फ़्री लुक" देखें
  • दबाव में कभी बीमा पॉलिसी न लें

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आम सवाल

फ़्री-लुक अवधि कितनी होती है?

यह पॉलिसी और बिक्री माध्यम पर निर्भर है; सही दिनों के लिए अपना पॉलिसी दस्तावेज़ देखें।

क्या पूरा प्रीमियम वापस मिलेगा?

आमतौर पर आनुपातिक जोखिम कवर, स्टैंप ड्यूटी और किसी मेडिकल ख़र्च को छोड़कर प्रीमियम।

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