दुकान MRP से ज़्यादा ले रही? भारत में शिकायत कैसे करें
अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।
पैकेट वाले उत्पाद को छपे अधिकतम खुदरा मूल्य से ऊपर बेचना वैध माप विज्ञान नियमों में मना है। आपने कितना चुकाया उसका सबूत ही शिकायत को कारगर बनाता है।
यह कब काम आता है
- दुकान, मॉल या ऐप ने MRP से ज़्यादा लिया
- विक्रेता ने बिल देने से मना किया
- मूल MRP पर दाम का स्टिकर चिपका दिया गया
कदम-दर-कदम
- 1
बिल और तस्वीरें लें
बिल माँगें। MRP दिखाते उत्पाद और चुकाई रक़म दिखाते बिल की तस्वीर लें।
- 2
विक्रेता से अंतर लौटाने को कहें
विनम्रता से अतिरिक्त रक़म वापस माँगें; कई दुकानें सुधार देती हैं।
- 3
वैध माप विज्ञान विभाग में शिकायत करें
सबूत के साथ अपने राज्य के वैध माप विज्ञान (बाट-माप) विभाग को रिपोर्ट करें।
- 4
उपभोक्ता हेल्पलाइन या आयोग इस्तेमाल करें
1915 पर कॉल करें या consumerhelpline.gov.in पर शिकायत करें। रिफ़ंड और मुआवज़े के लिए उपभोक्ता आयोग में केस कर सकते हैं।
ज़रूरी बातें
- बिल हमेशा रखें
- रेस्तराँ और होटल जैसी सेवाओं के नियम पैकेट वाले सामान से अलग हैं
- उपभोक्ता आयोग में समय-सीमा 2 साल है
अपनी मुफ़्त योजना पाइए
बताइए क्या हुआ। हम आपके विकल्प बताते हैं, पत्र तैयार करते हैं और हर समय-सीमा पर नज़र रखते हैं।
आम सवाल
क्या MRP से ज़्यादा लेना वैध है?
पैकेट वाले सामान में नहीं। MRP के रूप में छपा दाम अधिकतम है।
रिपोर्ट कहाँ करें?
राज्य के वैध माप विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में।