पुलिस गिरफ़्तार करे या बुलाए तो आपके अधिकार: नागरिक गाइड
अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।
संविधान और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 हर व्यक्ति को थाने में कुछ बुनियादी सुरक्षाएँ देते हैं। इन्हें शांति से जानना आपको और आपके परिवार को समय पर कदम उठाने में मदद करता है।
यह कब काम आता है
- परिवार के किसी सदस्य को थाने ले जाया गया है
- आपको पुलिस का हाज़िर होने का नोटिस मिला है
- कुछ होने से पहले अपने अधिकार जानना चाहते हैं
कदम-दर-कदम
- 1
कारण पूछें
गिरफ़्तार व्यक्ति को गिरफ़्तारी का कारण बताना ज़रूरी है। विनम्रता से पूछें और अधिकारी का नाम और समय लिख लें।
- 2
किसी को बताएँ और वकील माँगें
आप किसी रिश्तेदार या दोस्त को सूचना दिलवा सकते हैं और वकील से सलाह ले सकते हैं। ख़र्च न उठा सकें तो मुफ़्त कानूनी सहायता मिलती है; हमारा NALSA पेज देखें।
- 3
24 घंटे का नियम जानें
गिरफ़्तार व्यक्ति को सफ़र का समय छोड़कर 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना ज़रूरी है। ख़ाली या बिना पढ़े काग़ज़ों पर दस्तख़त न करें।
- 4
सिर्फ़ नोटिस हो तो
कुछ अपराधों में पुलिस गिरफ़्तारी की जगह हाज़िर होने का नोटिस दे सकती है। उसे पढ़ें, तारीख़ पर जाएँ और हो सके तो वकील साथ ले जाएँ।
ज़रूरी बातें
- मजिस्ट्रेट के सामने 24 घंटे में पेशी संवैधानिक सुरक्षा है
- आप शुरू से वकील माँग सकते हैं
- पुलिस ये नियम न माने तो वकील कार्रवाई कर सकता है; थाने में बहस न करें
अपनी मुफ़्त योजना पाइए
बताइए क्या हुआ। हम आपके विकल्प बताते हैं, पत्र तैयार करते हैं और हर समय-सीमा पर नज़र रखते हैं।
एक पन्ने की चेकलिस्ट डाउनलोड करें (PDF) (opens in a new tab)
WhatsApp पर शेयर करें (opens in a new tab)आम सवाल
क्या पुलिस कारण बताए बिना गिरफ़्तार कर सकती है?
नहीं। गिरफ़्तारी का कारण बताना ज़रूरी है।
क्या मैं वकील से बात कर सकता हूँ?
हाँ। आप वकील से सलाह ले सकते हैं, और ज़रूरत हो तो मुफ़्त कानूनी सहायता मिलती है।
क्या यह कानूनी सलाह है?
नहीं। यह सामान्य जानकारी है। असली गिरफ़्तारी में वकील लें।