UPI या ऑनलाइन ठगी: पहले घंटे में क्या करें
अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।
साइबर ठगी में सबसे ज़रूरी है जल्दी करना। जल्दी रिपोर्ट करने पर बैंक पैसा आगे जाने से पहले रोक सकते हैं।
यह कब काम आता है
- UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से बिना आपकी सहमति के पैसा गया
- नकली विक्रेता, नौकरी या निवेश के झाँसे में भुगतान किया
- कोई ऑनलाइन धमकी या ब्लैकमेल कर रहा है
कदम-दर-कदम
- 1
अभी 1930 पर कॉल करें
राष्ट्रीय साइबर ठगी हेल्पलाइन। पावती नंबर सँभालकर रखें।
- 2
cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें
ट्रांज़ैक्शन ID, स्क्रीनशॉट और ठग की जानकारी जोड़ें।
- 3
बैंक को लिखित में बताएँ
RBI नियमों के तहत सबसे मज़बूत सुरक्षा के लिए 3 कामकाजी दिनों में रिपोर्ट करें।
- 4
पुलिस से फ़ॉलो-अप करें
बड़ी रकम हो तो FIR माँगें, और बैंक मदद न करे तो RBI लोकपाल तक जाएँ।
ज़रूरी बातें
- जितनी जल्दी हो सके 1930 पर कॉल करें
- RBI नियमों के तहत 3 कामकाजी दिनों में बैंक को बताए गए अनधिकृत लेन-देन पर आपकी ज़िम्मेदारी शून्य हो सकती है
- OTP या PIN किसी को न बताएँ, चाहे वह ख़ुद को बैंक का बताए
1930 और रिपोर्टिंग सिस्टम से ₹7,000 करोड़ से ज़्यादा ठगी की रकम बचाई गई है।
स्रोत: Ministry of Home Affairs (opens in a new tab)अपनी मुफ़्त योजना पाइए
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आम सवाल
क्या मेरा पैसा वापस मिलेगा?
हमेशा नहीं। सबसे अच्छी संभावना तब होती है जब आप पैसा निकाले जाने से पहले, कुछ ही घंटों में रिपोर्ट करें।
क्या रिपोर्ट करने की कोई फ़ीस है?
नहीं। 1930 पर कॉल और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट मुफ़्त हैं।