फ़्लाइट रद्द या देर से? भारत में रिफ़ंड कैसे पाएँ
अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।
एयरलाइन फ़्लाइट रद्द करे तो DGCA नियमों के तहत आप रिफ़ंड या विकल्प के हक़दार हैं। एयरलाइन या बुकिंग पोर्टल भुगतान न करे तो आप कदम-दर-कदम आगे बढ़ सकते हैं।
यह कब काम आता है
- एयरलाइन ने फ़्लाइट रद्द की और रिफ़ंड नहीं दिया
- रिफ़ंड ट्रैवल पोर्टल या एजेंट के पास अटका है
- बोर्डिंग से मना किया गया या फ़्लाइट बहुत देर से गई
कदम-दर-कदम
- 1
सबूत सँभालें
टिकट, बुकिंग ID, रद्द होने का संदेश और भुगतान का सबूत रखें।
- 2
एयरलाइन में शिकायत करें
एयरलाइन का शिकायत ईमेल या फ़ॉर्म इस्तेमाल करें और मूल भुगतान माध्यम में रिफ़ंड माँगें। शिकायत नंबर नोट करें।
- 3
पोर्टल से बुक किया हो तो
पोर्टल में भी शिकायत करें। रिफ़ंड आमतौर पर उसी माध्यम से आता है जिससे आपने भुगतान किया।
- 4
AirSewa पर आगे बढ़ें
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के AirSewa पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, जो उसे एयरलाइन तक भेजता है।
- 5
उपभोक्ता आयोग में जाएँ
कानूनी नोटिस भेजें और हल न हो तो रिफ़ंड और मुआवज़े के लिए e-Jagriti पर केस करें।
ज़रूरी बातें
- सिर्फ़ वाउचर नहीं, मूल भुगतान माध्यम में रिफ़ंड माँगें
- उपभोक्ता आयोग में केस की समय-सीमा 2 साल है
- बोर्डिंग से मना करने या लंबी देरी पर मुआवज़े के लिए DGCA के यात्री नियम देखें
अपनी मुफ़्त योजना पाइए
बताइए क्या हुआ। हम आपके विकल्प बताते हैं, पत्र तैयार करते हैं और हर समय-सीमा पर नज़र रखते हैं।
आम सवाल
क्या रद्द होने पर सिर्फ़ वाउचर ही विकल्प है?
नहीं। आप रिफ़ंड माँग सकते हैं। वाउचर तभी लें जब आप चाहें।
ट्रैवल पोर्टल एयरलाइन पर दोष डाले तो?
दोनों को लिखित शिकायत करें। जिसने आपके पैसे लिए वह पोर्टल भी आपके प्रति जवाबदेह है।