चेक बाउंस नोटिस का फ़ॉर्मेट (धारा 138), नमूने के साथ
अपडेट 2026-10
बाउंस चेक पर बैंक का रिटर्न मेमो मिलने के 30 दिन के अंदर चेक देने वाले को नोटिस जाना चाहिए। यह नमूना दिखाता है उसमें क्या लिखा होना चाहिए।
नमूना फ़ॉर्मेट
धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 के तहत कानूनी नोटिस
दिनांक: [तारीख़]
रजिस्टर्ड डाक (AD) / स्पीड पोस्ट / ईमेल द्वारा
सेवा में,
[चेक जारी करने वाले का नाम]
[पूरा पता]
विषय: चेक संख्या [चेक नंबर], रु. [रक़म] के अनादर का नोटिस
महोदय/महोदया,
मेरे मुवक्किल [प्राप्तकर्ता का नाम], निवासी [पता] के निर्देश पर और उनकी ओर से, मैं आपको यह नोटिस देता/देती हूँ:
1. आप पर मेरे मुवक्किल के रु. [रक़म] क़ानूनी रूप से वसूली योग्य क़र्ज़ / देनदारी के रूप में बाक़ी हैं, [बताएँ पैसे कैसे बाक़ी हुए: क़र्ज़, सामान, सेवा आदि]।
2. उस क़र्ज़ को चुकाने के लिए आपने [बैंक और शाखा] पर चेक संख्या [नंबर], दिनांक [तारीख़], रु. [रक़म] का जारी किया।
3. मेरे मुवक्किल ने चेक [तारीख़] को भुगतान के लिए लगाया। बैंक ने [तारीख़] के रिटर्न मेमो के साथ उसे बिना भुगतान लौटा दिया, कारण "[कारण, जैसे खाते में पर्याप्त राशि नहीं]"।
4. मेरे मुवक्किल को रिटर्न मेमो [तारीख़] को मिला।
क़ानूनी स्थिति
5. क़र्ज़ के लिए जारी चेक का अनादर परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत अपराध है, और कानून मानता है कि चेक क़र्ज़ के लिए दिया गया था (धारा 139)। यह नोटिस मेरे मुवक्किल को रिटर्न मेमो मिलने के तीस दिन के अंदर दिया गया है।
माँग
6. आपको इस नोटिस के मिलने के पंद्रह दिन के अंदर चेक की रक़म रु. [रक़म] का भुगतान [भुगतान का तरीक़ा और खाते का ब्योरा] से करने को कहा जाता है।
पंद्रह दिन में भुगतान न होने पर मेरे मुवक्किल सक्षम अदालत में आपके विरुद्ध लागू प्रावधानों के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज करेंगे, और ब्याज और ख़र्च सहित दीवानी वसूली भी कर सकते हैं, जिसके ख़र्च और परिणामों की ज़िम्मेदारी पूरी तरह आपकी होगी।
इस नोटिस की प्रति रिकॉर्ड के लिए रखी है। यह नोटिस मेरे मुवक्किल के अन्य अधिकारों और उपायों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना है।
[वकील के हस्ताक्षर]
[वकील का नाम], अधिवक्ता
[नामांकन संख्या, पता, संपर्क]फ़ॉर्मेट समझने के लिए नमूना। यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। भेजने से पहले वकील को नोटिस जाँचना चाहिए।
इसे कैसे भरें
- क़र्ज़: बताएँ पैसे कैसे बाक़ी हुए
- चेक नंबर, तारीख़, रक़म, बैंक और शाखा
- चेक लगाने की तारीख़ और रिटर्न मेमो की तारीख़ व कारण
- रिटर्न मेमो मिलने की तारीख़ (30 दिन यहीं से गिने जाते हैं)
- 15 दिन की माँग और भुगतान का तरीक़ा
ज़रूरी बातें
- रिटर्न मेमो मिलने के 30 दिन के अंदर भेजें
- चेक देने वाले के पास नोटिस मिलने से 15 दिन भुगतान को हैं
- शिकायत उन 15 दिनों के बाद एक महीने के अंदर दर्ज करनी होती है
पूरा गाइड पढ़ें: चेक बाउंस: धारा 138 नोटिस और समय-सीमाएँ
अपने मामले के लिए इसे तैयार करवाइए
बताइए क्या हुआ। हम आपके तथ्यों के साथ इसे तैयार करते हैं, और वकील इसकी समीक्षा, दस्तख़त और भेजने का काम कर सकता है।
आम सवाल
30 दिन छूट जाएँ तो?
धारा 138 का रास्ता बंद हो सकता है। दीवानी वसूली के बारे में वकील से बात करें।
क्या नोटिस वकील से ही होना ज़रूरी है?
ज़रूरी नहीं, पर वकील का नोटिस सामान्य चलन है और ग़लतियाँ घटाता है।