भारत में लीगल नोटिस का फ़ॉर्मेट (कॉपी करने योग्य नमूना)

अपडेट 2026-10

लीगल नोटिस आयोग या अदालत जाने से पहले भेजी जाने वाली औपचारिक लिखित माँग है। यह आमतौर पर वकील भेजता है। यह नमूना नोटिस का सामान्य क्रम दिखाता है ताकि आप जानें उसमें क्या होना चाहिए।

नमूना फ़ॉर्मेट

कानूनी नोटिस
दिनांक: [तारीख़]
रजिस्टर्ड डाक (AD) / स्पीड पोस्ट / ईमेल द्वारा

सेवा में,
[व्यक्ति या कंपनी का नाम]
[पदनाम / विभाग]
[पूरा पता]
(कंपनी हो तो: इसके प्रबंध निदेशक / शिकायत अधिकारी के माध्यम से)

विषय: [रक़म ___ रुपये की वापसी / जो राहत चाहिए] और [सेवा में कमी / अनुबंध उल्लंघन] के लिए मुआवज़े हेतु कानूनी नोटिस

महोदय/महोदया,

मेरे मुवक्किल [मुवक्किल का नाम], निवासी [मुवक्किल का पता] के निर्देश पर और उनकी ओर से, मैं आपको यह कानूनी नोटिस देता/देती हूँ:

1. दिनांक [तारीख़] को मेरे मुवक्किल ने आपसे [सामान या सेवा] [ऑर्डर / बुक / का भुगतान] किया, रक़म रु. [रक़म] (ऑर्डर / बुकिंग / इनवॉइस नंबर [नंबर])।
2. [अगली घटना, तारीख़ के साथ: आपने क्या किया या नहीं किया।]
3. [अगली घटना, तारीख़ के साथ।]
4. मेरे मुवक्किल ने [तारीख़ों] को [कॉल / ईमेल / मुलाक़ात] से शिकायत की, संदर्भ संख्या [नंबर]। आपने मामला सुलझाने से मना किया या विफल रहे।

क़ानूनी स्थिति
5. आपका आचरण [सेवा में कमी / अनुचित व्यापार व्यवहार / अनुबंध का उल्लंघन] है, [लागू अधिनियम और धारा लिखें; भेजने से पहले वकील इसकी जाँच करता है]।

6. आपके कृत्यों से मेरे मुवक्किल को रु. [रक़म] का नुक़सान, उत्पीड़न, मानसिक पीड़ा और असुविधा हुई है।

माँग
आपसे अपेक्षा है कि आप:
(क) रु. [रक़म] का भुगतान / रिफ़ंड करें;
(ख) [डिलीवरी / बदली / कार्य पूरा करना, यदि यही चाहिए];
(ग) नुक़सान और मानसिक पीड़ा के लिए रु. [रक़म] का मुआवज़ा दें; और
(घ) इस नोटिस के ख़र्च के रूप में रु. [रक़म] दें।

आपको इस नोटिस के मिलने की तारीख़ से 15 दिन के अंदर उपरोक्त माँगें पूरी करने को कहा जाता है।

ऐसा न करने पर मेरे मुवक्किल ने मुझे निर्देश दिया है कि मैं आपके विरुद्ध उपयुक्त मंच पर, जहाँ लागू हो वहाँ उपभोक्ता आयोग सहित, उचित दीवानी और/या आपराधिक कार्यवाही शुरू करूँ, जिसके ख़र्च और परिणामों की ज़िम्मेदारी पूरी तरह आपकी होगी।

इस नोटिस की प्रति रिकॉर्ड और आगे की कार्रवाई के लिए मेरे कार्यालय में रखी है। यह नोटिस मेरे मुवक्किल के अन्य सभी अधिकारों और उपायों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना जारी किया गया है।

[वकील के हस्ताक्षर]
[वकील का नाम], अधिवक्ता
[नामांकन संख्या, पता, संपर्क]

फ़ॉर्मेट समझने के लिए नमूना। यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। भेजने से पहले वकील को नोटिस जाँचना चाहिए।

इसे कैसे भरें

  • तथ्य तारीख़ के क्रम में, हर पैराग्राफ़ में एक घटना, हर तारीख़, रक़म और संदर्भ संख्या के साथ
  • अपने उठाए कदम (शिकायतें, ईमेल, कॉल) और उनकी संदर्भ संख्याएँ लिखें
  • साफ़ लिखें आप क्या चाहते हैं: रिफ़ंड, डिलीवरी, मुआवज़ा और ख़र्च, रक़म के साथ
  • आमतौर पर प्राप्ति से 15 दिन की साफ़ समय-सीमा दें
  • रजिस्टर्ड डाक AD या स्पीड पोस्ट से भेजें और रसीद व ट्रैकिंग का सबूत रखें

ज़रूरी बातें

  • नोटिस आमतौर पर वकील भेजता है, जो भेजने से पहले कानून जाँचता है
  • तथ्य या धाराएँ कभी न गढ़ें; पक्का न हो तो जगह खाली छोड़ें
  • नोटिस अक्सर केस दर्ज होने से पहले ही मामला सुलझा देता है

पूरा गाइड पढ़ें: भारत में कानूनी नोटिस: कब भेजें और इससे क्या होता है

अपने मामले के लिए इसे तैयार करवाइए

बताइए क्या हुआ। हम आपके तथ्यों के साथ इसे तैयार करते हैं, और वकील इसकी समीक्षा, दस्तख़त और भेजने का काम कर सकता है।

आम सवाल

क्या मैं ख़ुद लीगल नोटिस भेज सकता हूँ?

आप ख़ुद लिखित माँग भेज सकते हैं, पर वकील का नोटिस ज़्यादा वज़नदार होता है और कानूनी सटीकता के लिए जाँचा जाता है।

दूसरे पक्ष को कितना समय दें?

आमतौर पर प्राप्ति से 15 दिन, या वह तारीख़ जब तक आप रिफ़ंड या जवाब चाहते हैं।