e-Daakhil (अब e-Jagriti): उपभोक्ता केस ऑनलाइन दर्ज करें
अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं। · समीक्षा: Ayush Sachan, Advocate, 2026-10-11 · समीक्षा कैसे होती है
e-Jagriti ज़िला, राज्य और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोगों में केस दर्ज करने और देखने का ऑनलाइन पोर्टल है। आप घर से, अपने ही ज़िले में, बिना वकील के केस दर्ज कर सकते हैं।
यह क्या देखता है
- ख़राब सामान और कमी वाली सेवाएँ
- अनुचित व्यापार व्यवहार और भ्रामक विज्ञापन
- विक्रेताओं, प्लेटफ़ॉर्म, बिल्डर, बैंक और बीमा कंपनियों के ख़िलाफ़ रिफ़ंड और मुआवज़े के दावे
कैसे दर्ज करें
- 1
पहले कंपनी से कोशिश करें
लिखित शिकायत और समय-सीमा वाला कानूनी नोटिस भेजें, आमतौर पर 15 दिन।
- 2
सही आयोग चुनें
₹50 लाख तक के दावे ज़िला आयोग में जाते हैं। इससे ज़्यादा के दावे राज्य या राष्ट्रीय आयोग में।
- 3
रजिस्टर करें और फ़ॉर्म भरें
e-Jagriti पर खाता बनाएँ, दोनों पक्षों का ब्योरा, तथ्य, माँगी गई राहत और दावे की रक़म भरें।
- 4
दस्तावेज़ अपलोड करें और फ़ीस दें
बिल, पत्राचार और नोटिस लगाएँ। ₹5 लाख तक के दावों पर कोई फ़ीस नहीं।
- 5
सुनवाई ऑनलाइन देखें
तारीख़ें और आदेश पोर्टल पर दिखते हैं; अक्सर वीडियो से पेश हो सकते हैं।
ज़रूरी बातें
- समय-सीमा: समस्या होने से 2 साल
- ₹5 लाख तक के दावों पर फ़ीस नहीं
- आप जहाँ रहते या काम करते हैं उस ज़िले में केस कर सकते हैं
पूरा गाइड पढ़ें: भारत में उपभोक्ता शिकायत कैसे दर्ज करें
पक्का नहीं कि यही सही जगह है?
बताइए क्या हुआ। हम सही क्रम में सही कदम बताते हैं और पत्र तैयार करते हैं।
आम सवाल
क्या e-Jagriti और e-Daakhil एक ही हैं?
e-Jagriti नया पोर्टल है जिसने ऑनलाइन उपभोक्ता केस दर्ज करने के लिए e-Daakhil की जगह ली है।
क्या बिना वकील के केस कर सकते हैं?
हाँ। वकील नोटिस और जटिल मामलों में मदद करता है, लेकिन ज़रूरी नहीं।