लोकपाल: सरकारी कर्मचारी के भ्रष्टाचार की शिकायत

अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।

भारत का लोकपाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कुछ सरकारी कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की शिकायतें देखता है। राज्यों के अधिकारियों के लिए राज्य में लोकायुक्त होता है।

यह क्या देखता है

  • अधिनियम के दायरे में आने वाले सरकारी कर्मचारी की रिश्वत या भ्रष्टाचार
  • केंद्रीय निकायों के अधिकारियों द्वारा पद का दुरुपयोग
  • ऐसी शिकायतें जिनमें औपचारिक भ्रष्टाचार जाँच चाहिए

कैसे दर्ज करें

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    देखें कि मामला इसके दायरे में है

    लोकपाल कुछ सरकारी कर्मचारियों, जैसे मंत्री, सांसद और केंद्रीय अधिकारियों को देखता है। राज्य के अधिकारी आमतौर पर राज्य लोकायुक्त के दायरे में आते हैं।

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    तथ्य और सबूत जुटाएँ

    लिखें कि किसने क्या, कब और कहाँ किया, और दस्तावेज़, रिकॉर्डिंग या गवाहों का ब्योरा लगाएँ।

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    शिकायत दर्ज करें

    निर्धारित प्रपत्र में लोकपाल पोर्टल पर ऑनलाइन, या डाक से शिकायत करें।

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    झूठी शिकायत न करें

    झूठी या परेशान करने के लिए की गई शिकायत पर दंड हो सकता है।

ज़रूरी बातें

  • समय-सीमा है; आमतौर पर पिछले 7 साल के अपराधों की शिकायतें
  • सबूत रखें और शिकायत सार्वजनिक रूप से साझा न करें
  • रिश्वत की माँग पर अपने राज्य पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा पर भी विचार करें

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आम सवाल

क्या स्थानीय क्लर्क की शिकायत कर सकते हैं?

आमतौर पर लोकपाल को नहीं। राज्य लोकायुक्त, भ्रष्टाचार निरोधक शाखा या CPGRAMS इस्तेमाल करें।

क्या यह मुफ़्त है?

हाँ, शिकायत की कोई फ़ीस नहीं है।