राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (1915)
अपडेट 2026-10 · सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं। · समीक्षा: Ayush Sachan, Advocate, 2026-10-11 · समीक्षा कैसे होती है
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन सरकार की सेवा है जहाँ आप किसी सामान या सेवा की शिकायत कर सकते हैं। यह आपकी शिकायत कंपनी तक पहुँचाती है और पीछा करती है। यह मुफ़्त है।
यह क्या देखता है
- रिफ़ंड और बदली
- ख़राब सामान
- देर से या न आई डिलीवरी
- विक्रेताओं, प्लेटफ़ॉर्म और सेवा देने वालों की ख़राब सेवा
कैसे दर्ज करें
- 1
पहले कंपनी में शिकायत करें
उसके शिकायत अधिकारी को लिखें और शिकायत नंबर रखें। हेल्पलाइन तब सबसे अच्छा काम करती है जब कंपनी को जवाब देने का मौक़ा मिल चुका हो।
- 2
हेल्पलाइन पर दर्ज करें
1915 पर कॉल करें या consumerhelpline.gov.in पर ऑर्डर की जानकारी, तारीख़ें और अपनी माँग के साथ शिकायत करें।
- 3
शिकायत का पीछा करें
डॉकेट नंबर से स्थिति देखें। मामला न सुलझे तो उपभोक्ता आयोग जाएँ।
ज़रूरी बातें
- इस्तेमाल मुफ़्त है
- यह बीच-बचाव का रास्ता है; कंपनी को भुगतान के लिए बाध्य नहीं कर सकती
- अगला कदम उपभोक्ता आयोग है
पूरा गाइड पढ़ें: भारत में उपभोक्ता शिकायत कैसे दर्ज करें
पक्का नहीं कि यही सही जगह है?
बताइए क्या हुआ। हम सही क्रम में सही कदम बताते हैं और पत्र तैयार करते हैं।
आम सवाल
क्या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन मुफ़्त है?
हाँ। शिकायत दर्ज करने का कोई शुल्क नहीं है।
हेल्पलाइन से हल न हो तो क्या करें?
आप कानूनी नोटिस भेज सकते हैं और उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर सकते हैं।